NCERT Class 6 Hindi Book PDF
NCERT Class 6 Hindi textbook "Malhar" (मल्हार) contains 13 chapters including poems, stories, memoirs, and essays that develop Hindi language skills and literary appreciation. It is the official CBSE Class 6 Hindi textbook under NEP 2020.
Chapters (13)
यह कविता मातृभूमि के प्रति गहरे प्रेम और श्रद्धा को व्यक्त करती है। कवि ने भारत भूमि की महिमा का वर्णन करते हुए देशभक्ति की भावना जागृत की है। इस कविता के माध्यम से छात्र अपनी जन्मभूमि के प्रति गौरव और सम्मान की भावना विकसित करते हैं।
यह पाठ खेल-भावना, लक्ष्य निर्धारण और जीवन में संघर्ष से सीखने के विषय पर आधारित है। इसमें फुटबॉल या किसी खेल को रूपक के रूप में उपयोग करते हुए जीवन के महत्त्वपूर्ण पाठ सिखाए गए हैं। पाठ यह संदेश देता है कि जीत-हार से परे खेलने की भावना और प्रयत्नशीलता ही सच्ची सफलता है।
यह कविता या पाठ प्रकृति के अनुपम सौंदर्य, विशेष रूप से वर्षा की पहली बूँद के महत्त्व को दर्शाता है। इसमें बताया गया है कि कैसे बारिश की पहली बूँद तपती धरती को शीतलता देती है और जीवन का संचार करती है। यह पाठ प्रकृति-प्रेम और जल के महत्त्व के प्रति जागरूकता उत्पन्न करता है।
यह प्रसिद्ध कहानी सुदर्शन द्वारा लिखी गई है जिसमें एक माँ की ममता और भक्ति की शक्ति का वर्णन है। कहानी में एक डाकू का हृदय-परिवर्तन होता है जब वह एक वृद्ध माँ की निःस्वार्थ भक्ति देखता है। यह पाठ सिखाता है कि सच्ची श्रद्धा और प्रेम में अपार शक्ति होती है जो दुष्ट हृदय को भी बदल सकती है।
इस पाठ में मध्यकालीन हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध कवि रहीम (अब्दुर्रहीम खानखाना) के दोहों का संकलन है जो जीवन की व्यावहारिक सच्चाइयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करते हैं। इन दोहों में मित्रता, परोपकार, विनम्रता, समय का सदुपयोग, और संकट में धैर्य जैसे विषयों पर गहरी नीति संबंधी शिक्षा दी गई है। रहीम के दोहे आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने वे सैकड़ों वर्ष पहले थे।
यह कविता या पाठ माँ के अतुलनीय प्रेम, त्याग और ममता को भावपूर्ण शब्दों में व्यक्त करती है। इसमें माँ को सबसे पहले शिक्षक, सबसे गहरे प्रेम का स्रोत, और जीवन की सबसे बड़ी शक्ति के रूप में चित्रित किया गया है। यह पाठ छात्रों को माँ के प्रति कृतज्ञता और सम्मान की भावना विकसित करने में सहायक है।
यह प्रेरणादायक कविता अँधेरे में भी रोशनी फैलाते रहने, हिम्मत न हारने, और दूसरों के लिए मार्गदर्शन बनने का संदेश देती है। 'जलते चलो' का अर्थ है – चाहे कितनी भी कठिनाइयाँ हों, अपने भीतर की ज्योति को जलाए रखो और आगे बढ़ते रहो। यह कविता छात्रों में साहस, दृढ़ता और जन-सेवा की भावना जागृत करती है।
यह पाठ असम की दो प्रमुख नृत्य परंपराओं – सात्रिया और बिहू – का परिचय देता है और भारत की सांस्कृतिक विविधता को उजागर करता है। छात्र इन नृत्यों के इतिहास, विशेषताओं, पोशाक, संगीत वाद्ययंत्रों और सांस्कृतिक महत्त्व के बारे में जानते हैं। पाठ यह समझाता है कि भारत के विभिन्न नृत्य रूप हमारी साझी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं।
यह सूरदास द्वारा रचित प्रसिद्ध पद है जिसमें बाल-कृष्ण माखन चुराने के बाद यशोदा माँ से मासूमियत से इनकार करते हैं। यह पद बाल-मनोविज्ञान, वात्सल्य रस, और कृष्ण-भक्ति का अद्भुत उदाहरण है। सूरदास की कविता में श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं का जो चित्रण है वह हिंदी साहित्य की अमूल्य धरोहर है।
यह पाठ परीक्षा को केवल विद्यालय की परीक्षा तक सीमित न रखते हुए जीवन की विभिन्न परीक्षाओं के रूपक के रूप में प्रस्तुत करता है। इसमें बताया गया है कि जीवन में ईमानदारी, साहस और नैतिकता की असली परीक्षाएँ होती हैं जो परीक्षा भवन से बाहर भी आती हैं। पाठ छात्रों को यह समझाता है कि सच्चा ज्ञान जीवन में सही निर्णय लेने की क्षमता देता है।
यह पाठ महाराणा प्रताप के प्रसिद्ध घोड़े चेतक की वीरता और स्वामिभक्ति की गाथा है। हल्दीघाटी के युद्ध में चेतक ने घायल होने के बावजूद महाराणा प्रताप को सुरक्षित निकाला और अपने प्राण न्योछावर कर दिए। यह पाठ देशभक्ति, वीरता और स्वामिभक्ति का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करता है।
यह पाठ अंडमान-निकोबार द्वीप समूह का परिचय देता है जिसे 'हिंद महासागर में छोटा सा हिंदुस्तान' कहा जाता है क्योंकि वहाँ देश के विभिन्न भागों से आए लोग रहते हैं। पाठ में इन द्वीपों की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातियों, इतिहास और सांस्कृतिक विविधता का वर्णन है। यह पाठ भारत की विविधता में एकता को एक छोटे द्वीप समूह के उदाहरण से समझाता है।
यह पाठ एक पेड़ के दृष्टिकोण से कहानी कहता है जो अपने जीवन, अपनी उपयोगिता, और मनुष्यों द्वारा पर्यावरण के साथ किए जा रहे व्यवहार पर विचार करता है। पेड़ की जुबानी यह बताया गया है कि वह बिना किसी अपेक्षा के सबको छाया, फल, और ऑक्सीजन देता है। यह पाठ पर्यावरण-चेतना और पेड़ों के संरक्षण का संदेश देता है।
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