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NCERT Class 6 Hindi Chapter 1

मातृभूमि (Matrbhumi)

यह कविता मातृभूमि के प्रति गहरे प्रेम और श्रद्धा को व्यक्त करती है। कवि ने भारत भूमि की महिमा का वर्णन करते हुए देशभक्ति की भावना जागृत की है। इस कविता के माध्यम से छात्र अपनी जन्मभूमि के प्रति गौरव और सम्मान की भावना विकसित करते हैं।

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Key Terms

मातृभूमि
वह भूमि जहाँ हम जन्म लेते हैं, जिसे माँ के समान पवित्र और आदरणीय माना जाता है।
देशभक्ति
अपने देश के प्रति प्रेम, निष्ठा और समर्पण की भावना।
स्वाभिमान
अपनी पहचान, संस्कृति और देश के प्रति गर्व और सम्मान की भावना।
श्रद्धा
किसी के प्रति गहरे आदर और भक्ति की भावना।
वीरता
साहस और पराक्रम के साथ देश की रक्षा करने का गुण।

Frequently Asked Questions

मातृभूमि कविता का मुख्य भाव क्या है?

मातृभूमि कविता का मुख्य भाव देश के प्रति गहरा प्रेम और श्रद्धा है। कवि ने भारत भूमि को माँ के समान मानते हुए उसकी महिमा का गुणगान किया है और पाठकों में देशभक्ति की भावना जागृत करने का प्रयास किया है।

मातृभूमि को माँ के समान क्यों कहा जाता है?

मातृभूमि को माँ के समान इसलिए कहा जाता है क्योंकि जैसे माँ हमें जन्म देती है, पालती है और सुरक्षा प्रदान करती है, उसी प्रकार मातृभूमि हमें अन्न, जल, आश्रय और संस्कार देती है। उसकी गोद में हम पले-बढ़े हैं, इसलिए उसके प्रति हमारी श्रद्धा माँ जैसी होती है।

इस कविता से हमें क्या प्रेरणा मिलती है?

इस कविता से हमें अपने देश से प्रेम करने, उसकी रक्षा के लिए सदा तैयार रहने, देश की संस्कृति और विरासत पर गर्व करने, और देश की सेवा को सर्वोच्च कर्तव्य मानने की प्रेरणा मिलती है।

कविता में किन-किन काव्य-गुणों का प्रयोग हुआ है?

इस कविता में अनुप्रास अलंकार (एक ही वर्ण की आवृत्ति), उपमा (तुलना), मानवीकरण (भूमि को माँ के रूप में दर्शाना), और भावपूर्ण भाषा का प्रयोग हुआ है। कविता में लय और तुक का भी सुंदर प्रयोग किया गया है।

देशभक्ति कविताओं का क्या महत्त्व है?

देशभक्ति कविताएँ नागरिकों में राष्ट्रीय एकता और गर्व की भावना जगाती हैं, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान की याद दिलाती हैं, देश की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत का बोध कराती हैं, और नई पीढ़ी को देश के प्रति अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक करती हैं।

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