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चेतक की वीरता (Chetak Ki Veerata)

NCERT Class 6 Hindi • Chapter 11

What is "चेतक की वीरता (Chetak Ki Veerata)" about? (Class 6 Hindi)

यह पाठ महाराणा प्रताप के प्रसिद्ध घोड़े चेतक की वीरता और स्वामिभक्ति की गाथा है। हल्दीघाटी के युद्ध में चेतक ने घायल होने के बावजूद महाराणा प्रताप को सुरक्षित निकाला और अपने प्राण न्योछावर कर दिए। यह पाठ देशभक्ति, वीरता और स्वामिभक्ति का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करता है।

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चेतक की वीरता (Chetak Ki Veerata): Key Terms & Definitions

स्वामिभक्ति
अपने स्वामी या मालिक के प्रति गहरी निष्ठा और समर्पण की भावना, जो चेतक ने अपने प्राण देकर प्रदर्शित की।
वीरगति
युद्ध में या किसी वीरतापूर्ण कार्य में मृत्यु को प्राप्त होना, जो चेतक को मिली।
हल्दीघाटी का युद्ध
1576 ई. में महाराणा प्रताप और मुगल सम्राट अकबर की सेना के बीच हुआ ऐतिहासिक युद्ध जिसमें चेतक ने असाधारण वीरता दिखाई।
बलिदान
किसी उच्च उद्देश्य के लिए अपने प्राण या सुख-सुविधाओं का त्याग करना।
महाराणा प्रताप
मेवाड़ के राजपूत राजा जो मुगलों के सामने झुकने से इनकार करने के लिए प्रसिद्ध हैं और जिनका घोड़ा चेतक इतिहास में अमर हो गया।

Frequently Asked Questions

चेतक कौन था और वह क्यों प्रसिद्ध है?

चेतक महाराणा प्रताप का प्रिय घोड़ा था। वह अपनी असाधारण गति, साहस और स्वामिभक्ति के लिए प्रसिद्ध है। हल्दीघाटी के युद्ध में घायल होने के बावजूद उसने महाराणा प्रताप को सुरक्षित निकालने के लिए एक बड़ा नाला पार किया और वीरगति को प्राप्त हुआ।

हल्दीघाटी का युद्ध कब और किनके बीच हुआ?

हल्दीघाटी का युद्ध 1576 ई. में हुआ। यह महाराणा प्रताप (मेवाड़) और मुगल सम्राट अकबर की सेना के बीच था। अकबर की विशाल सेना का नेतृत्व मानसिंह कर रहे थे।

चेतक ने किस प्रकार अपनी स्वामिभक्ति दिखाई?

चेतक के पैर में हाथी की सूंड से गंभीर चोट लगी थी, फिर भी उसने महाराणा प्रताप को दुश्मन की सेना से बाहर निकालने के लिए एक बड़ा नाला छलांग लगाकर पार किया। दुश्मन की सेना नाला पार न कर सकी और चेतक ने महाराणा को बचाकर वीरगति पाई।

पाठ से देशभक्ति की कौन सी प्रेरणा मिलती है?

चेतक और महाराणा प्रताप दोनों की कहानी यह सिखाती है कि अपने देश और स्वाभिमान की रक्षा के लिए बड़े से बड़ा बलिदान देना पड़े तो भी पीछे नहीं हटना चाहिए।

पाठ में किस साहित्यिक शैली का प्रयोग है?

पाठ में वीर रस प्रधान भाषा, ओजपूर्ण शब्दों का प्रयोग, और युद्ध के दृश्यों का सजीव चित्रण है जो पाठक के मन में उत्साह और देशप्रेम जगाता है।

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