Menu

पद (Pad)

NCERT Class 9 Hindi • Chapter 8

Quick Answer

कक्षा 9 हिंदी (गंगा) के काव्य खंड का यह पाठ 'पद' शैली में रचित है, जो हिंदी की भक्तिकालीन काव्य-परंपरा से जुड़ी एक गेय छंद-विधा है। सूर, मीरा और कबीर जैसे संत-कवियों की रचनाओं में पद का व्यापक प्रयोग मिलता है। पढ़ते समय छात्रों को पदों का केंद्रीय भाव, भक्ति-भावना, अलंकार और काव्य-सौंदर्य समझने पर ध्यान देना चाहिए। परीक्षा में व्याख्या और भावार्थ महत्वपूर्ण हैं।

↓ Free PDF, NCERT solutions, summary, key terms, FAQs below.

Download Chapter PDF← All Chapters

Read Online

Loading PDF…

Key Terms

पद
भक्तिकालीन काव्य की एक गेय छंद-विधा, जिसे संगीतमय ढंग से गाया जाता है।
भक्तिकाल
हिंदी साहित्य का वह काल जिसमें ईश्वर-भक्ति प्रधान काव्य की रचना हुई।
भावार्थ
पद या पंक्ति में छिपे मूल भाव और अर्थ की सरल व्याख्या।
अलंकार
काव्य की शोभा बढ़ाने वाले शब्द और अर्थ के विशेष प्रयोग, जैसे अनुप्रास, उपमा आदि।
केंद्रीय भाव
पद का मूल विचार या मुख्य संदेश, जो उसकी आत्मा होता है।
काव्य-सौंदर्य
कविता में भाव, भाषा, छंद और अलंकार के मेल से उत्पन्न सुंदरता।
व्याख्या
पद के किसी अंश के भाव और आशय को विस्तार से स्पष्ट करना।

Frequently Asked Questions

पद क्या होता है?

पद हिंदी की भक्तिकालीन काव्य-परंपरा की एक गेय छंद-विधा है। इसे संगीतमय ढंग से गाया जाता है और इसमें प्रायः भक्ति या प्रेम के भाव व्यक्त होते हैं।

पद विधा का प्रयोग किन कवियों ने किया?

सूरदास, मीराबाई और कबीर जैसे भक्तिकालीन संत-कवियों की रचनाओं में पद का व्यापक प्रयोग मिलता है। यह विधा भक्ति-भावना की अभिव्यक्ति के लिए लोकप्रिय रही है।

पदों की व्याख्या कैसे करें?

व्याख्या में पहले पद का संदर्भ बताएँ, फिर सरल शब्दों में भावार्थ लिखें और अंत में काव्य-सौंदर्य व अलंकार स्पष्ट करें। कठिन शब्दों के अर्थ भी देना उपयोगी होता है।

परीक्षा में पद से किस प्रकार के प्रश्न आते हैं?

सामान्यतः पद्यांश-आधारित प्रश्न, भावार्थ, केंद्रीय भाव, शब्दार्थ और काव्य-सौंदर्य से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। व्याख्या लेखन का अभ्यास आवश्यक है।

पदों का केंद्रीय भाव कैसे समझें?

केंद्रीय भाव समझने के लिए पद की मुख्य पंक्तियों और बार-बार आने वाले भाव पर ध्यान दें। भक्ति, प्रेम या उपदेश में से कौन-सा भाव प्रमुख है, यह पहचानें।

पद को याद कैसे रखें?

पदों को बार-बार पढ़कर और गुनगुनाकर याद करें, क्योंकि ये गेय होते हैं। साथ में भावार्थ समझने से पंक्तियाँ आसानी से स्मरण रहती हैं।

Disclaimer & Attribution