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झाँसी की रानी (Jhansi Ki Rani)

NCERT Class 9 Hindi • Chapter 11

Quick Answer

कक्षा 9 हिंदी (गंगा) के काव्य खंड की यह प्रसिद्ध वीर-रस कविता सुभद्राकुमारी चौहान द्वारा रचित है। यह 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के अदम्य साहस और बलिदान का ओजपूर्ण वर्णन करती है। 'खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी' पंक्ति इसकी पहचान है। परीक्षा की दृष्टि से कविता का केंद्रीय भाव, वीर-रस और भावार्थ महत्वपूर्ण हैं।

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Key Terms

सुभद्राकुमारी चौहान
इस कविता की रचयिता, जो अपनी देशभक्तिपूर्ण और ओजस्वी कविताओं के लिए प्रसिद्ध हैं।
रानी लक्ष्मीबाई
झाँसी की रानी, जिन्होंने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में वीरतापूर्वक अंग्रेजों से युद्ध किया।
वीर-रस
काव्य का वह रस जो वीरता, साहस और उत्साह की भावना जगाता है।
1857 का संग्राम
भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम, जिसमें रानी लक्ष्मीबाई ने प्रमुख भूमिका निभाई।
ओज गुण
काव्य का वह गुण जो उत्साह, जोश और शक्ति का संचार करता है।
केंद्रीय भाव
कविता का मूल विचार, जो रानी के साहस और बलिदान की वीर-गाथा है।
भावार्थ
पद्यांश में छिपे मूल भाव और अर्थ की सरल व्याख्या।

Frequently Asked Questions

झाँसी की रानी कविता की रचयिता कौन हैं?

इस कविता की रचयिता सुभद्राकुमारी चौहान हैं। वे अपनी देशभक्तिपूर्ण और ओजस्वी कविताओं के लिए हिंदी साहित्य में प्रसिद्ध हैं।

यह कविता किस पर आधारित है?

यह कविता झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई के जीवन, वीरता और बलिदान पर आधारित है। इसमें 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में उनके साहसपूर्ण संघर्ष का वर्णन है।

इस कविता में कौन-सा रस प्रमुख है?

इस कविता में वीर-रस प्रमुख है। ओजपूर्ण भाषा और जोशीली पंक्तियाँ पाठक के मन में साहस और देशभक्ति की भावना जगाती हैं।

कविता की प्रसिद्ध पंक्ति कौन-सी है?

इस कविता की सबसे प्रसिद्ध पंक्ति है — 'खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।' यह पंक्ति रानी की वीरता को सजीव रूप में प्रस्तुत करती है।

इस कविता का केंद्रीय भाव क्या है?

कविता का केंद्रीय भाव रानी लक्ष्मीबाई के अदम्य साहस, स्वाभिमान और बलिदान की वीर-गाथा है। यह देशप्रेम और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष की प्रेरणा देती है।

परीक्षा में इस कविता से किस प्रकार के प्रश्न आते हैं?

परीक्षा में पद्यांश-आधारित प्रश्न, भावार्थ, केंद्रीय भाव, वीर-रस और काव्य-सौंदर्य से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रमुख पंक्तियों की व्याख्या का अभ्यास आवश्यक है।

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