गिरिधर कविराय की कुण्डलिया (Giridhar Kaviray Ki Kundaliya)
NCERT Class 7 Hindi • Chapter 6
Quick Answer
यह पाठ प्रसिद्ध कवि गिरिधर कविराय की कुंडलियों पर आधारित है, जो जीवन के व्यावहारिक सत्यों और नैतिक शिक्षाओं को सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती हैं। कुंडलियाँ एक विशेष काव्य छंद हैं जो दोहे और रोला को मिलाकर बनती हैं। छात्र इस पाठ से हिंदी काव्य के छंद-विधान और जीवन के नैतिक मूल्यों को समझेंगे।
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Key Terms
- कुंडली
- हिंदी काव्य का एक विशेष छंद जो छह पंक्तियों का होता है — पहली दो पंक्तियाँ दोहे की और अगली चार रोला की होती हैं।
- गिरिधर कविराय
- 18वीं-19वीं शताब्दी के प्रसिद्ध हिंदी कवि जो अपनी व्यावहारिक और नैतिक शिक्षाओं वाली कुंडलियों के लिए विख्यात हैं।
- नीति काव्य
- वह काव्य जो जीवन में सही आचरण, व्यवहार और नैतिकता की शिक्षा देता है।
- दोहा
- हिंदी साहित्य का एक छंद जो दो पंक्तियों का होता है और जिसमें जीवन की सीख या भाव को संक्षेप में कहा जाता है।
- रोला
- हिंदी काव्य का एक मात्रिक छंद जिसकी चार पंक्तियाँ होती हैं, कुंडली में इसका प्रयोग दोहे के बाद होता है।
Frequently Asked Questions
गिरिधर कविराय कौन थे?▾
गिरिधर कविराय हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध नीतिकार कवि थे जो मुख्यतः 18वीं-19वीं सदी में हुए। वे अपनी सरल, व्यावहारिक और जीवनोपयोगी कुंडलियों के लिए प्रसिद्ध हैं।
कुंडली छंद की क्या विशेषता होती है?▾
कुंडली छह पंक्तियों का छंद है। इसकी पहली दो पंक्तियाँ दोहे की होती हैं और अगली चार पंक्तियाँ रोला की। इसमें जो शब्द पहली पंक्ति में शुरू होता है, वही अंतिम पंक्ति में समाप्त होता है।
गिरिधर कविराय की कुंडलियों का क्या महत्व है?▾
गिरिधर कविराय की कुंडलियाँ जीवन के व्यावहारिक सत्यों को सरल भाषा में प्रस्तुत करती हैं। वे मनुष्य को परिश्रम, सत्य, विनम्रता और नैतिकता का पाठ पढ़ाती हैं।
हिंदी में नीति काव्य का क्या महत्व है?▾
नीति काव्य का महत्व यह है कि यह समाज को जीवन जीने के सही तरीके, नैतिक मूल्य और व्यावहारिक बुद्धि सिखाता है। यह पीढ़ी-दर-पीढ़ी लोगों का मार्गदर्शन करता रहा है।
इस पाठ में कौन-से नैतिक मूल्य बताए गए हैं?▾
इस पाठ में परिश्रम, ईमानदारी, संगति का महत्व, समय का सदुपयोग, अहंकार से दूर रहना और विनम्रता जैसे महत्वपूर्ण नैतिक मूल्य बताए गए हैं।
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